नौ कणिकाएं
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बीते
दिन
रीते
~*~
पल
आना
कल
~*~
रूक
मत
झुक
~*~
आई
रुकी
गई
~*~
आग
गई
जाग
~*~
प्रेम
खुला
फ्रेम
~*~
रात
खुला
गात
~*~
दिन
तारे
गिन
~*~
हारा
जग
मारा
***
"आय बट व्हाय"-"हूं पर क्यूं"-इंग्लिश में लिखी इस अर्थ पूर्ण कविता की तर्ज पर ये लघू कणिकाएं/कविताएं अचानक एक कौंध-एक छपाक् की ध्वनि करती हैं ओर फिर गहरा मौन/गुड़ुप...........!
बीते
दिन
रीते
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पल
आना
कल
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रूक
मत
झुक
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आई
रुकी
गई
~*~
आग
गई
जाग
~*~
प्रेम
खुला
फ्रेम
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रात
खुला
गात
~*~
दिन
तारे
गिन
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हारा
जग
मारा
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"आय बट व्हाय"-"हूं पर क्यूं"-इंग्लिश में लिखी इस अर्थ पूर्ण कविता की तर्ज पर ये लघू कणिकाएं/कविताएं अचानक एक कौंध-एक छपाक् की ध्वनि करती हैं ओर फिर गहरा मौन/गुड़ुप...........!
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