इतिहास बोध
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घूम रहे बावले सा
यहाँ वहाँ
सारा देश विदेश
भेजा घूम जाता
घूम घूम
असँगत बड़बड़ाते
इतिहास कभी जाना न था
सन्दर्भ भूल जाते
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घूम रहे बावले सा
यहाँ वहाँ
सारा देश विदेश
भेजा घूम जाता
घूम घूम
असँगत बड़बड़ाते
इतिहास कभी जाना न था
सन्दर्भ भूल जाते
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