काग भगौड़ा ~ ~ ~ ~ ~ ~ ᒍᗩᔕᗷIᖇ ᑕᕼᗩᗯᒪᗩ
Saturday, February 22, 2014
उम्र और सपने
उम्र और सपने
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यह उम्र
झुकने की नहीं
तनने की है
सांस छोड़ने की नहीं
नये सपने
बुनने की है
०००
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