शोर पर सवार धर्म
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सतयुग त्रेता द्वापर अतीत हुए
कलयुग भी गया
अब 'धर्मयुग' आया
डेसीबल की हदों के पार शोर बना धर्म
आठों पहर कानों से अनचाहे टकराता धर्म
संचारी रोग बना
फहर रहीं धर्म पताकाएँ
अछूता नहीं कोई प्रकृति का कोना
वायु अग्नि जल सब धर्म के तले दबे
पर्यावरण पर सवार धर्म
क़ानून पर भारी आस्था
ठेले पर घर पहुँचे भगवान
सीढ़ियों के कोनें में पीक से रक्षा करता धर्म
उपग्रह प्रक्षेपण में धर्म
धर्मवाहक बने फ़ेसबुक सेलफ़ोन
मंत्र आयतें गुरबाणी बोलते स्मार्टफ़ोन
धर्म की 'मार्केटिंग' चली
धर्माचार्य ब्राँड एम्बेसेडर बने
जो दिख रहा वह बिक रहा
फिर भी ढीठ अधर्म बढ़ रहा
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सतयुग त्रेता द्वापर अतीत हुए
कलयुग भी गया
अब 'धर्मयुग' आया
डेसीबल की हदों के पार शोर बना धर्म
आठों पहर कानों से अनचाहे टकराता धर्म
संचारी रोग बना
फहर रहीं धर्म पताकाएँ
अछूता नहीं कोई प्रकृति का कोना
वायु अग्नि जल सब धर्म के तले दबे
पर्यावरण पर सवार धर्म
क़ानून पर भारी आस्था
ठेले पर घर पहुँचे भगवान
सीढ़ियों के कोनें में पीक से रक्षा करता धर्म
उपग्रह प्रक्षेपण में धर्म
धर्मवाहक बने फ़ेसबुक सेलफ़ोन
मंत्र आयतें गुरबाणी बोलते स्मार्टफ़ोन
धर्म की 'मार्केटिंग' चली
धर्माचार्य ब्राँड एम्बेसेडर बने
जो दिख रहा वह बिक रहा
फिर भी ढीठ अधर्म बढ़ रहा
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