Saturday, January 28, 2017

समुद्र मंथन अब

समुद्र मंथन अब :अमृत काल 
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विकास के समुद्र मंथन में छल आज भी हुआ
नाम 'आम' आदमी का लिया
वैश्विकरण के अनुष्ठान में हाशिये बैठाया
विचार विहीन मंथन हुआ
दुंदुभि बजी प्रचार हुआ
रत्नों का ज़ख़ीरा निकला
स्विस बैंक के लाकर की चाबी
करंसी चेस्ट नोटबंदी
कुर्सियाँ कोयला खदानें
गैस खनिज भंडार स्काच
रियल एस्टेट  स्पेक्ट्रम
हथियारों के सौदे स्मार्ट सीटी बुलेट ट्रेन
धर्म योग पतंजलि को बेचते बाबा व्यापारी
वियाग्रा जापानी तेल थाई मसाज

मंथन की साझेदार हुई विदेशी कंपनियाँ
अपराधी नौकरशाह नेता उद्योगपति
अंबानी अदाणी भगोड़े माल्या मोदी
झूठ उगलते टीवी
सरकारी भोंपू अखबार 
'सेज' की सजी समिट में तश्तरी लिये सरकारें

मंथन में कुछ सुमरनियां भी मिली
बीस सूत्रीय ग़रीबी हटाओ फ़ीलगुड
मस्जिद  हटाओ सरकारी मंदिर बनाओ 
मंडल लाओ  कमंडल हटाओ
किसानों की रामनाम सत्य की आवाज़ें
बीफ और साम्प्रदायिक ज़हर
कुछ साफ्टवेयर नौकरियाँ
सत्तर वर्ष के जवान सपने
मनरेगा बीपीएल कार्ड
खजुराहो सेफई महोत्सव
प्रधानमंत्री की अविराम रैलियाँ 
बलात्कारी हत्यारे रहीम आसाराम  
राधे माँ साध्वियाँ
लाड़ली योजना मुफ्त तीर्थ यात्रा

चंद सुख के टुकड़े उछले
मध्यवर्ग लगा माला फेरने
जोड़ने लगा ईएमआई
टकटकी बांधे ताकती आँखें

विकास का शोर अभी थमा नहीं
क्लाइमेक्स क्या होगा पता नहीं 

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