हवाओं पर प्रेतों का क़ब्ज़ा है
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हवाओं में गहरी साजिश है
एक थमती नहीं कि दूसरी आँधी बन आती
छोड़ जाती पीछे जली बस्तियों की गँध
पिंड बने शरीरों की गँध
कब बवँडर बन जायें हवाएँ
बस्तियाँ वीरान कर जायेँ
खास दिशा से आ रही गर्म हवा
हवाओं पर प्रेतों का क़ब्ज़ा है
चाहे जब खराब कर दें ज़मानें की हवा
कब तक चलेंगी प्रेत हवाएँ ?
☘ ज स बी र चा व ला
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