Monday, April 10, 2017

गौमाता संग सफर

गौमाता संग सफर
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अर्थशास्त्र की खुली गलियों से गाय निकली
धर्म की तंग गलियों में घुसी
संविधान के पन्ने चबाती सँसद पहुँचीं
रँभाई
गोबर कर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश किया
जँभाई लेते कुछ साँसदों पर गोमूत्र के छींटे पड़े 
पवित्र हुए
राज्य सभा कि दर्शक दीर्घा में पहुँची
जुगाली की
सर्वोच्च न्यायालय की मुँडेर चढ़ी 
लालक़िले से राष्ट्र को संबोधित किया
रुआँसी भारतमाता लाईन में खडी थी
कौन माता बड़ी थी
कौए भूल गये अपनी 'काँव काँव' 
चिल्लाये 'काउ काउ'

सपना 'आउट आफ कन्ट्रोल' हो रहा था
रोका कट कट 
माता के संग सेल्फी ले ली फटाफट

जै गोमाता दी

☘ जसबीर चावला  

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