बच्चों की कविता बड़ों के लिये
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चुपके से कुछ रंग चुराएँ
कहीं से से हरा कहीं से भगवा
यहाँ से नीला वहाँ से केसरिया
इधर उधर से लाल पीला
केनवास पर कूँची चलायें
सुँदर सुँदर इन्द्रधनुष बनाएँ
थोड़ा थोड़ा सबको बाँटें
थोड़ा थोड़ा सबको बाँटें
आओ बच्चों ताली बजायें
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