Friday, January 15, 2016

बच्चों की कविता बड़ों के लिये

बच्चों की कविता बड़ों के लिये
———————————


चुपके से कुछ रंग चुराएँ 
कहीं से से हरा कहीं से भगवा
यहाँ से नीला वहाँ से केसरिया
इधर उधर से लाल पीला 
केनवास पर कूँची चलायें
सुँदर सुँदर इन्द्रधनुष बनाएँ  
थोड़ा थोड़ा सबको बाँटें
आओ बच्चों ताली बजायें 

No comments:

Post a Comment