विवादित ढाँचा-----------ठीक कहाँ चल रही थी ज़िंदगीआटा गूँथती पत्नी को देखातमक कर बोले हिलती क्यों हैआँख उठाये बिना वह बोलीआँटा बिना हिले गूँथ कर बताओहिलना गूँथने की प्रक्रिया हैबहादुर मर्द कहाँ समझता औरत का तर्कजड़ दिये तड़ से दो थप्पड़विवाद हुआबढ़ कर रोज होने लगापत्नी बीमार होकर हड्डियों का 'ढाँचा' हुईसभी पक्ष सर्वोच्च अदालत में हैमुद्दा 'विवादित ढाँचे' का जो है
No comments:
Post a Comment