काग भगौड़ा ~ ~ ~ ~ ~ ~ ᒍᗩᔕᗷIᖇ ᑕᕼᗩᗯᒪᗩ
Sunday, April 24, 2016
कूप मंडूक
कूप मंडूक
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उसे नापसंद है ताजी हवा
खुला आसमान
खिड़की से आती रोशनी
पुस्तकें क़लम
और राग भाईचारा
उसे पसंद है गँधाते तहख़ाने
पौराणिक पिंजरे
कुँए के मेंढक
मरघट की आग
जंग लगा वैचारिक ताला
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