Wednesday, April 13, 2016

नारों में ‘आत्मनिर्भर’ देश

नारों में ‘आत्मनिर्भर’ देश
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नारे रोपें नारे बोयें
नारों की खेती लहलहाये
नारे काटें नारे बाँटें
नारों की सुमरनी चलाएँ
दिन रात सब नारे चाटें

नाश्ते में नारा,लंच में नारा
सूखा नारा,मनरेगा नारा
हर हर नारा,घर घर नारा

नारों को जीवन बनाएँ
फेफड़ों को पूरा फुलाएँ
गाय गाय का नारा लगाएँ
भारत माँ की जय बोलें
मोदी मोदी का नारा लगाएँ


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