काग भगौड़ा ~ ~ ~ ~ ~ ~ ᒍᗩᔕᗷIᖇ ᑕᕼᗩᗯᒪᗩ
Thursday, December 10, 2015
कैंचियों के व्यापारी
कैंचियों के व्यापारी
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पानी पर लकीर खींच दी
ऊंचे पाये के मदारी हैं
हुमा के पर क़तर दिये
कैंचियों के व्यापारी है
पोटली में बँधा सत्तू लूटा
इनके पुरखे भी पिंडारी हैं
कहाँ गई अमन की फ़ाख्ता
इन्होंने ही की
बटमारी है
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