Monday, September 28, 2015

चुप रहैं दंगे जारी हैं

चुप रहैं दंगे जारी हैं 
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चुप रहैं दंगे चल रहे हैं
ख़लल पडता है बोलने से 
तुम्हारे सोचने से
दंगों की शांति भंग न करें
शांतिपूर्वक चलनें दें दंगे
सड़कों पर भी / मन में भी चलनें दें
मनुहार है / डाँट है / धमकी है चुप रहैं 
यज्ञ की पूर्णाहुति के लिये 
चुप रहैं दंगो की वैधता के लिये 

दंगे तो नित्यकर्म है
राष्ट्रीय धर्म / विचारित कर्म है
एजेंडा है / पीटनें का डंडा है
दंगे पहचान है / दंगों में जान है
दंगे स्पंदन हैं / नवनीत मंथन हैं
विचार धारा है / भाईचारा है
अभिव्यक्ति है / बचपन से पिलाई  घुट्टी है
एक मानस है / सोच है / जोश है / ख़ौफ़ है
दंगे उद्यम है / उद्योग है
उन्माद है / प्रमाद है
साध्य है / साधन है
विध्वंस हैं / विस्थापन हैं
रोजगार है / पुनर्निर्माण है
धर्म की खोट हैं / भावनाओं का विस्फोट हैं 
श्रीकृष्ण लिब्रहान आयोग हैं
दंगे जज वकील दलील हैं 
दंगे ज्ञान विज्ञान है / ललित कला है
क्रिया की प्रतिकिया न्युटन का लॉ है

दंगे धमनियों में बहता रक्त है
अवरोध न लगाएँ 
चुपचाप चुप लगाएँ 
भीगी बिल्ली बन घर बैठें / दूम दबाएँ 
घर में केरम खेलें
दिमाग को साम्प्रदायिक ताला लगाएँ 
रोके नहीं सुचारू चलनें दें दंगे

चुप रहैं दंगे जारी हैं

// जसबीर चावला //

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