सवाल करने में दिल लगता है
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टोपी उतारते हैं
स्याही पोतते हैं
मुक्का मारते
जूता फेंकते
पत्थर फेंकते
घेराव करते
अफ़वाहें फैलाते हैं
बन पड़े सब करते हैं
बस सवाल नहीं करते
सवाल करनें में दिल लगता है
दिमाग़ भी लगता है
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टोपी उतारते हैं
स्याही पोतते हैं
मुक्का मारते
जूता फेंकते
पत्थर फेंकते
घेराव करते
अफ़वाहें फैलाते हैं
बन पड़े सब करते हैं
बस सवाल नहीं करते
सवाल करनें में दिल लगता है
दिमाग़ भी लगता है
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