गुरु गोविंदसिंह द्वारा लिखित साहित्य में ‘दशमग्रंथ’ पुस्तक भी है.इसमें कई अध्याय हैं जिनमें राम,कृष्ण,दुर्गा विष्णु एवं हिंदू देवताओं पर अलग अलग अध्यायों में लिखा है.एक ‘अध्याय ‘गोविंद रामायण’ नाम से है.यह पुस्तक पूरी तरह विवादास्पद है.अलग अलग काल खण्डो में,अलग अलग स्थानों से प्राप्त इनकी प्रतियों को लेकर कइयों के अपने अपने दावे रहे हैं.१९०२ में ३२ अलग अलग प्रतियों के आधार पर सिख समुदाय ने इसका एक प्रमाणिक रूप तैयार किया.
इस पुस्तक की विषय वस्तु के अनुसार सिख समुदाय में इसे पवित्र ग्रंथ का दर्जा प्राप्त नहीं है और इसके कुछ ही हिस्सों का परायण सिख धार्मिक रूप से करते हैं. पुस्तक को लेकर तीन मत हैं.इसे गुरु गोविंद सिंह ने लिखा है,या उनके दरबारी कवियों ने रचा या इसका कुछ हिस्सा उन्होंने रचा और कुछ हिस्सा उनके कवियों ने.अधिकतर सिख तीसरे मत को मानते हैं.
गुरु गोविंदसिंह जिन्होंने ‘आदि ग्रंथ’ को ‘गुरु ग्रंथ साहिब’ का दर्जा देकर गुरु प्रथा का अंत किया और पवित्र ग्रंथ को ही आगे गुरु मानने का हुकुम दिया.वे चाहते तो ‘दशम ग्रंथ’ को भी पवित्र ग्रंथ का दर्जा दे सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया,जबकि ‘गुरु ग्रंथ साहिब’ में उनकी वाणी नहीं है.उन्होंने अपने पिता की वाणी को स्थान दिया,जिन्हें नौवें गुरु के श्लोक के रूप में जाना जाता है.
गुरु गोविंद सिंह ने एक और निराकार,निर्गुण ईश्वर की उपासना पद्धति को माना और दूसरी और खालसा का सृजन कर शौर्य तथा वीरता की बात की.दशमग्रंथ पुस्तक में हिंदू देवी देवताओं की उपासना और महिलाओं का ऐसा चित्रण है जो उनकी सम्पूर्ण विचारधारा और उपासना पद्धति से मेल नहीं खाता.उनके द्वारा संपादित ‘गुरु ग्रंथ’ को गुरु का स्थान दिया गया.गुरु ग्रंथ की अन्तर्वस्तु,विचार प्रणाली और दशम ग्रंथ पुस्तक की रचनाओं में अन्तर्विरोध है.
मुद्दा मोदीजी द्वारा अयोध्या में गुरु गोविंद सिंह द्वारा रचित कथित ‘गोविंद रामायण’ के ज़िक्र का.हिंदुत्व के अलमबरदार सिखों को हिंदुओं का ही एक पंथ मानते हैं.वे गाहे बगाहे इसका शोशा छोड़ते हैं.आरएसएस का सिख विंग ‘’राष्ट्रीय सिख संगत” भी कमोबेश इस विचार का है.अयोध्या में मंदिर निर्माण में सिखों की भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिये गोविंद रामायण का मोदीजी ने उल्लेख किया है.गुरु गोविंद सिंह का मुग़लों से संघर्ष रहा है यह बात भी उनके एजेंडे को सूट करती है.दशमग्रंथ और विवाद के बारे में और जानने के लिये लिंक दी है. -जसबीर चावला
https://en.wikipedia.org/wiki/Dasam_Granth
https://en.wikipedia.org/wiki/History_of_Dasam_Granth
https://books.google.com/books/about/Debating_the_Dasam_Granth.html?id=qe6WnpbT2BkC
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