लोकतंत्र के साइड इफ़ेक्ट
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कुछ गूँगों को ज़बान मिली
कुछ ने शिष्टाचार छोड़ा
कुछ भौंकने लगे
किसी ने झूठ की फ़ैक्ट्री खोली
कोई मुँह से गालियाँ दागता है
मुखौटा चढ़ाता उतारता है
लोकतंत्र के इन्हीं गुणों के कारण
कोई देश का मुखिया बनता है
कोई पार्टी प्रवक्ता बनता है
🦉 जसबीर चावला
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