Tuesday, February 9, 2021

चुप्पी

 चुप्पी

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संविधान को पलीता लगा

मैं चुप रहा

न्याय की देवी की पट्टी हटी

मैं चुप रहा

चौथा खंबा दरका 

मैं चुप रहा 

आज बंदूक़ की बट से टूटा मेरा दरवाज़ा 

चहुँओर पसरा सन्नाटा 

खिड़कियों से कोई झांक नहीं रहा 

सारा मोहल्ला चुप रहा


🦉 जसबीर चावला

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