मृत्यु का जश्न मनाते गिद्ध
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जिन गोलियों से मरी गोरी लंकेश
उसी विचार फेक्ट्री का ठप्पा था
जहाँ से लेते हैं तालिबान
सँविधान के जिस सहारे खड़ी गौरी
उसके चिथड़े हवा में बिखरे
जमीन पर पड़ी रक्तरंजित फ़ाख्ता
गिद्ध मृत्यु का जश्न मना रहे
☘ जसबीर चावला
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