पीठ न दिखाईये
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वे घेरे में पीट रहे थे
वे घेरे में पिट रहे थे
घेरे में खड़ों की पीठ पिटनें वालों की तरफ थी
तमाशबीन होकर भी अनजान थे
उन्होंने न कुछ सुना न देखा
न गवाही दी
जब ये घेरे में होगें
कोई नहीं देखेगा
कोई नहीं सुनेगा
कोई नहीं बोलेगा
सब तमाशबीन होंगे
सबकी पीठ होगी पिटने वालों की तरफ
पीठ न दिखाईये
मुक्का दिखाईये
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