महामना मोदी…बजरिये स्टैलिन ख्रुश्चेव और उनके दो पत्र 😜
A Tale Of Two letters
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🔷जसबीर चावला🔷
भाइयों और बहनों-“बस मुझे 50 दिन दे दो फिर चाहे चौराहे पर टांग देना…भाइयों बहनों..मुझे सत्ता में लाओ… 15 लाख रुपये सबके खाते में आएँगे….भाइयों बहनों…22 तक फसल का दाम दुगना होगा…22 तक ग़रीबों को मकान मिलेगा..5 ट्रिलियन की अर्थ व्यवस्था.. …70 साल से कांग्रेस की वजह से यह सब हुआ है.सब नेहरू का किया धरा है..नेहरू नेहरू नेहरू…ब्ला ब्ला ब्ला….
🟥 महामना मोदी की रोज की उलटबाँसी पर 15 जनवरी 1982 के Washington Post में छपे एक लेख की याद आ गई.तात्कालिक अमेरिका के राष्ट्रपति पर चुटकी लेते हुए मार्क शील्डस् ने एक मज़ेदार लेख लिखा.मुलाहिज़ा फ़रमाएँ.मूल लेख अंग्रेज़ी में कमेंट में देखे.
🟥 स्टैलिन को पता था कि अब उसका समय कम है और ख्रुश्चेव उसका उत्तराधिकारी होगा.उसने निकिता ख्रुश्चेव को एक बहुत ही निजी बैठक में बुलाया.उसने ख्रुश्चेव को बताया कि सत्ता के टाप पर वह भी बहुत अकेला हो सकता है.स्टैलिन ने उसे कहा: "मैंने तुम्हें बहुत ख़ास सलाह देने के लिये अपनी डेस्क के निचले दराज में “दो पत्र” छोड़े हैं.पहले वाले को तब खोलें जब देश के हालात पूरी तरह से बिगड़ जायें.दूसरा पत्र तभी खोलें जब आप सुनिश्चित हों कि आपकी समस्याओं का कोई हल नहीं है और आप पूरी तरह निराश हैं "
🟥 ख्रुश्चेव ने पदभार संभाला और कुछ समय सत्ता का खूब आनंद लिया.कुछ दिन मजे से कटे.इसके बाद एक के बाद एक मुसीबतें आई.फसलें चौपट हो गई.पंचवर्षीय योजना में दो साल की देरी हो गई.रूबल आज के रुपये के समान कमजोर पड़ गया.उनके राजनीतिक विरोधियों द्वारा साजिश रची जा रही थी.
🟥 🔶 ख्रुश्चेव टूट गये.एक दिन सुबह 3 बजे उठे और नीचे की मेज की दराज खोली और पहला पत्र पढ़ा.इसका संदेश था-“अपनी नाकामियों का सारा दोष मुझ पर डाल दो-”.स्टैलिन.
ख्रुश्चेव ने पार्टी की पोलित ब्यूरो की मीटिंग में यही किया.वर्तमान की सारी मुसीबतें की जड़ स्टैलिन हैं.उसकी ग़लत नीतियों के कारण देश में असंतोष है.इस तरकीब ने काम किया और लोगों ने उनकी बात पर विश्वास किया और असंतोष कम हो गया.
🟥 कुछ समय की शांति के बाद संकट के बादल फिर घिर आये.सीमा पर चीन ने शत्रुता पूर्ण कार्रवाई कर दी.फसलें ख़राब हो गईं.क्यूबा मिसाइल संकट ने ख्रुश्चेव की साख गिरा दी.उनके मन की शांति भंग हो गई.
🟥 🔶 तभी उन्हें नीचे की मेज की दराज याद आई.यह सुनिश्चित करने के बाद कि कि वह अकेले है,ख्रुश्चेव ने चुपचाप लिफाफा खोला.उसमें एक पंक्ति का संदेश लिखा था -"तुम भी दो पत्र लिखो... स्टैलिन.
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