मार्क्स और धर्मगुरु
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मार्क्स ने कहा धर्म अफ़ीम है
धर्मगुरु खुश हुए
सहमति में मुँडी हिलाई
पीनक में डूबे रहते अनुयायी
चटाते अफ़ीम धर्म स्थानों में
कड़वी कभी शुगर कोटेड
दुआओं प्रवचनों में
हम धर्म गुरू हैं सच्चे मार्क्सवादी
महामण्डलेश्वर मार्क्स की जय
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